



आज की तेज़-तर्रार दुनिया में, महिलाएं अक्सर अपनी सेहत को नज़रअंदाज़ कर देती हैं। व्यस्त दिनचर्या, परिवार की ज़िम्मेदारियाँ और सामाजिक दबावों के चलते, वे अपने स्वास्थ्य के प्रति लापरवाह हो जाती हैं। आइए जानते हैं कि वे कौन सी गलतियाँ कर रही हैं और किस तरह बेहतर पोषण और ध्यान के माध्यम से वे अपने शरीर और मन को स्वस्थ रख सकती हैं।
इन गलतियों को पहचानकर, महिलाएं बेहतर पोषण, मल्टीविटामिन का सेवन, और नियमित व्यायाम के माध्यम से एक स्वस्थ जीवनशैली अपना सकती हैं। स्वस्थ रहना न केवल एक विकल्प है, बल्कि यह एक आवश्यकता भी है। इसलिए, खुद के लिए समय निकालें और एक खुशहाल और स्वस्थ जीवन की ओर बढ़ें!
Kiran Rao’s *Laapataa Ladies* has officially been selected as India’s entry for the Oscars 2025 in the Best International Feature Film category. The announcement was made by the Film Federation of India (FFI) on Monday, September 23. The FFI is responsible for choosing the country’s submission for the Academy Awards each year. Rao’s sophomore directorial effort, *Laapataa Ladies*, was released in March and follows the story of a young man whose bride gets accidentally swapped with another woman. The film stars Sparsh Shrivastava, Nitanshi Goel, Pratibha Ranta, Chhaya Kadam, and Ravi Kishan, and is based on Biplab Goswami’s award-winning screenplay *Two Brides*. The FFI jury, led by Assamese filmmaker Jahnu Barua, commended the film for its portrayal of Indian women as a balance of submission and strength. Set in a semi-idyllic world, the film uses humor and satire to explore the roles of women, portraying them as both homemakers and entrepreneurial rebels. The jury praised *Laapataa Ladies* for being entertaining and relatable to audiences worldwide while highlighting themes of change and empowerment. With this selection, Kiran Rao’s *Laapataa Ladies* now represents India on the global stage, aiming for recognition at the prestigious Academy Awards in 2025.

19 साल की रिया सिंघा, जो गुजरात से हैं,मिस यूनिवर्स इंडिया 2024 का ताज पहनाया गया है। अब वह भारत का प्रतिनिधित्व मिस यूनिवर्स 2024 प्रतियोगिता में करेंगी। इस प्रतिष्ठित खिताब की ग्रैंड फिनाले 22 सितंबर को जयपुर, राजस्थान में आयोजित किया गया था।अपनी जीत के बाद, रिया ने कहा, “मैं बहुत आभारी हूं। मैंने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए बहुत मेहनत की है और खुद को इस ताज के योग्य मानती हूं। पिछले विजेताओं से मुझे बहुत प्रेरणा मिली है।”
माइक्रोप्लास्टिक, जो 5 मिमी से छोटे प्लास्टिक के कण होते हैं, आज हमारे पर्यावरण में एक गंभीर समस्या बन चुके हैं। ये कण हवा, पानी, और मिट्टी में सर्वव्यापी हो गए हैं, जो न केवल हमारे पर्यावरण को प्रभावित कर रहे हैं, बल्कि इंसानों और अन्य जीवों के स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बन चुके हैं। जब ये छोटे कण हवा, पानी, या मिट्टी में प्रवेश करते हैं, तो वे विभिन्न मार्गों से हमारे शरीर में पहुंच जाते हैं। हवा के माध्यम से, ये कण सांस के जरिए हमारे फेफड़ों में घुस सकते हैं। पानी में घुलकर ये हमारे पीने के स्रोतों और भोजन का हिस्सा बन सकते हैं, जबकि मिट्टी के माध्यम से ये खाद्य श्रृंखला में शामिल हो जाते हैं। जिससे न केवल Ecosystem बल्कि इंसानों और अन्य जीवों के Health पर भी घातक प्रभाव पड़ रहा है। जब ये कण विभिन्न माध्यमों से शरीर में प्रवेश करते हैं, तो ये Cells को नुकसान पहुंचाते हैं, सूजन और Oxidative Stress उत्पन्न करते हैं, जो गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। इन कणों की एक मुख्य समस्या यह है कि वे Heavy Metals और Chemical Toxins को अपनी सतह पर आकर्षित कर लेते हैं। जैसे-जैसे ये कण हवा, पानी, और मिट्टी के माध्यम से यात्रा करते हैं, ये Mercury, Cadmium, Lead, और Arsenic जैसी खतरनाक धातुओं को अवशोषित कर लेते हैं। जब ये कण मानव या पशु शरीर में पहुंचते हैं, तो ये सीधे Organs पर हमला कर सकते हैं, जिससे Cancer, Hormonal Imbalance, Neurological Disorders, और Fertility Issues जैसी समस्याएं हो सकती हैं। हाल के अध्ययनों ने यह भी दिखाया है कि माइक्रोप्लास्टिक अब हमारे महत्वपूर्ण अंगों तक पहुंच चुका है। Microplastics का एक बड़ा Source कृषि में उपयोग किए जाने वाले Plastic Products हैं। Irrigation के लिए Contaminated Water, Plastic Coverings, और Synthetic Fertilizers में मौजूद कण मिट्टी में जमा हो जाते हैं। इनसे Crops द्वारा Nutrients के अवशोषण में बाधा उत्पन्न होती है, जिससे Food Chain प्रभावित होती है। इसके अलावा, Marine Water में ये कण Aquatic Organisms के शरीर में प्रवेश कर जाते हैं, जिससे Food Chain में Toxins फैलता है।हाल के Studies में यह खुलासा हुआ है कि Microplastics अब हमारे शरीर के Vital Organs तक भी पहुंच चुके हैं। 2020 में पहली बार Human Placenta में इन कणों की उपस्थिति पाई गई, जो Pregnant महिलाओं और Embryos दोनों के Health के लिए गंभीर चिंता का विषय है। 2023 में हुए एक Study ने दिखाया कि ये कण Human Heart और Intestines में भी पाए गए हैं, जिससे Cardiovascular Diseases और Digestive Disorders का खतरा बढ़ गया है।इस प्रदूषण के कारण Health-Related समस्याएं भी बढ़ रही हैं, जैसे Cancer, Hormonal Imbalance, और Respiratory Diseases। Health Care Systems पर इस समस्या का भारी दबाव पड़ रहा है, जिससे Economic और Social Resources का बड़ा हिस्सा Health Care में खर्च हो रहा है।इन समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। हमें Plastic के उपयोग को कम करना होगा, Reuse और Recycling को बढ़ावा देना होगा, और Alternative Materials का उपयोग करना होगा। जन जागरूकता अभियान चलाकर और Educational Institutions में Plastic Pollution के विषय में शिक्षा देकर हम नई पीढ़ी को इस समस्या के प्रति जागरूक कर सकते Scientific Research को प्रोत्साहित करना और नए Materials पर अध्ययन करना भी आवश्यक है।यदि हम सभी मिलकर इन उपायों को अपनाएँ, तो हम इस गंभीर समस्या का समाधान कर सकते हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और स्वस्थ Environment सुनिश्चित कर सकते हैं।


न्यूयॉर्क में आयोजित यह राउंडटेबल बैठक तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। इस बैठक में प्रमुख तकनीकी कंपनियों के सीईओ, जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग, बायोटेक्नोलॉजी, और सेमीकंडक्टर तकनीकों में विशेषज्ञता रखने वाले नेताओं ने भाग लिया, प्रधानमंत्री के साथ भविष्य की तकनीकी प्रवृत्तियों और वैश्विक परिदृश्य पर चर्चा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘AI फॉर ऑल’ नीति के तहत भारत के नैतिक और जिम्मेदार AI के उपयोग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया, जिससे तकनीकी प्रगति का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे। इस बैठक का आयोजन इसलिए किया गया ताकि भारत की बढ़ती तकनीकी क्षमताओं और नवाचारों को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित किया जा सके, और अमेरिकी कंपनियों को भारत के स्टार्टअप और तकनीकी इकोसिस्टम में निवेश के लिए आकर्षित किया जा सके। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि भारत तकनीकी नवाचार और विकास में अग्रणी बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है और आने वाले समय में विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की क्षमता रखता है। उन्होंने सीईओ को भारत में बौद्धिक संपदा की सुरक्षा और तकनीकी नवाचार के लिए एक अनुकूल वातावरण प्रदान करने के प्रति सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता का आश्वासन दिया। बैठक के दौरान, यह भी चर्चा हुई कि कैसे उभरती हुई तकनीकें वैश्विक अर्थव्यवस्था को पुनर्परिभाषित कर रही हैं और मानव विकास को बढ़ावा दे रही हैं। भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को अमेरिकी कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण पुल के रूप में देखा गया, जहां वे भारत में निवेश कर सकते हैं और अपनी तकनीकी विशेषज्ञता से नए समाधान उत्पन्न कर सकते हैं। एमआईटी के प्रोफेसर अनंता चंद्रकासन, जो इस बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे, भारत और अमेरिका के बीच तकनीकी सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करने पर जोर दिया, और एमआईटी की वैश्विक भलाई के लिए तकनीक का उपयोग करने की प्रतिबद्धता को दोहराया।इस राउंडटेबल का मुख्य परिणाम यह रहा कि दोनों देशों के बीच तकनीकी और नवाचार संबंधी सहयोग को और मजबूत किया जाएगा, जिससे भारत में तकनीकी निवेश और नवाचार को नई दिशा मिलेगी। बैठक में तकनीकी उन्नति, बौद्धिक संपदा सुरक्षा, और जिम्मेदार AI के उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सहमति बनी, और यह सुनिश्चित किया गया कि आने वाले समय में भारत और अमेरिका के बीच तकनीकी और व्यावसायिक संबंध और अधिक गहरे होंगे।

बिहार के जमुई में एक बेहद दिलचस्प और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 18 साल का एक लड़का बिना UPSC पास किए खुद को IPS Officer बताकर धूम मचा रहा था। इस युवक, जिसका नाम मिथिलेश कुमार है, IPS बनने की खुशी में बाकायदा “समोसा पार्टी” तक कर डाली। जब बाजार में समोसे खाने रुका, तो उसकी आईपीएस की वर्दी और पिस्टल कमर पर लटकाए हुलिया देखकर लोग हैरान रह गए। किसी को शक हुआ, और पुलिस को सूचना दी गई। जमुई के सिकंदरा थानाध्यक्ष मिंटू कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और मिथिलेश को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने ऐसे खुलासे किए कि पुलिस भी चौंक गई।
मिथिलेश ने बताया कि उसे खैरा इलाके के एक व्यक्ति, मनोज सिंह, ने पुलिस में नौकरी दिलाने का ऑफर दिया था। मनोज ने उसे IPS Officer बनाने के लिए 2 लाख रुपये मांगे थे, जो मिथिलेश ने अपने मामा से कर्ज लेकर दिए। इसके बदले में मनोज ने उसके नाप का आईपीएस की वर्दी सिलवाई, एक बैच और पिस्टल थमा दिया, और उसे “आज से तुम IPS हो” कहकर भेज दिया।मिथिलेश की इस अजीबोगरीब कहानी के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है।
जमुई के एसडीपीओ सतीश सुमन ने बताया कि अगर मिथिलेश कुमार सही में 2 लाख रुपये देकर फर्जी आईपीएस बना है, तो पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती उस गिरोह को पकड़ने की होगी, जो इस तरह लोगों से ठगी कर रहा है। मामले की गहराई से जांच की जा रही है। यह घटना सिर्फ एक फर्जी अधिकारी की कहानी नहीं है, बल्कि समाज में फैले एक बड़े फर्जीवाड़े की ओर इशारा करती है, जिसे उजागर करना पुलिस के लिए अब सबसे बड़ा लक्ष्य बन गया है।
Legendary Indian Cricketer Rahul Dravid attends 14th Edition Of Didac India Exhibition 2024 Event in New Delhi

देश के जाने-माने राजनेता एवं सीपीआईएम (CPIM) के महासचिव सीताराम येचूरी (Sitaram Yechuri) का बीते 12 सितंबर को दिल्ली एम्स में निधन हो गया। वह लंबे समय से निमोनिया जैसी बीमारी से ग्रसित थे। सीताराम येचूरी हमेशा गरीब, मजलूमों की कान और आँख बनकर उनकी अवाज को सड़क से संसद तक उठाया करते थे।
देश-दुनिया के विषय पर गंभीर और गहरी समझ रखने वाले सीताराम येचूरी (Sitaram Yechuri) अपने निजी जीवन में बहुत ही मजाकिया किस्म के इंसान थे। ScoopWhoop के एक एपीसोड में उन्होंने अपनी पत्नी सीमा चिस्ती (Seema chishti) की तारीफ करते हुए कहा था कि ‘सच तो ये है कि ये मेरा भरण पोषण करती हैं, ये बातें काफी दिनों तक सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बनी थी।’

इसके अलावा उन्हें कई मौक़े पर ऑन कैमरा कैप्चर किया गया, जिसमें वह राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों और अपनों के साथ हंसी-ठिठोली करते नजर आए। हंसी-ठिठोली के उन्ही पलों में से उनका एक किस्सा काफी मशहूर है। दरअसल, 5 दिसंबर 2022 को पीएम मोदी (Narendra Modi) ने G20 समिट को लेकर सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। इस दौरान एक तस्वीर इंटरनेट पर खूब वायरल हुई जिसमें सीताराम येचुरी और पीएम मोदी ठहाके लगा रहे थे।
खैर, कुछ ही दिन बीतने के बाद खुद येचूरी ने वायरल तस्वीर का भेद खोल दिया। कांग्रेस पार्टी के कार्यक्रम ‘जश्न-ए-एकता’ में येचुरी से उस फोटो पर नवभारत टाइम्स के पत्रकार ने सवाल पूछा। जवाब में येचुरी ने बताया कि ‘हमने मीटिंग में जो बातें कहीं, उससे मोदी जी काफी नाराज थे। उसी को मेकअप करने के लिए वो आए और हमसे कहा कि मिठाई खिलाओ… हमने पूछा काहे… तो उन्होंने कहा कि राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने कह दिया कि जय श्रीराम नहीं बोलना है, जय सीताराम बोलना है, इसलिए आप मिठाई खिलाओ…।’
येचुरी ने आगे कहा, ‘मोदी जी, शायद आपको याद होगा… आप मौजूद थे सदन में… जब आप ही के साथी ने कहा था कि नाम सीताराम है तुम्हारा, लेकिन बातें ऐसी क्यों करते हो? वो नाराज थे कि हम सांप्रदायिकता के खिलाफ बातें कैसे करते हैं। तब हमने जवाब दिया कि मेरा नाम लेकर आप मुझे गाली ही दे दो, फिर भी पुण्य ही मिलेगा क्योंकि सीताराम बोलना पड़ेगा आपको…।’ येचुरी ने कहा कि इस बात पर मोदी जी हाथ पकड़कर हंसने लगे।

यह हमेशा हँसने-मुस्कुराने वाला शख़्स अपने करोड़ों चाहने वालों की आँखों में आँसू की बुँदे देकर किसी लंबी यात्रा पर निकल गया। पर वह लौटेगा दिल्ली के रामलीला मैदान में जहां लोग मजलूम-वंचितों के हक और हिस्सेदारी के लिए जुलूस निकालेंगे। वह घुंघराले बालों वाला शख़्स उसी भीड़ मे ‘इंक़लाब’ का नारा लगाते हुए दिख जाएगा। वह उस हर एक कॉमरेड के दिलों में लौटेगा जो अपने गांव कस्बों में अन्याय के खिलाफ पिछड़ों की आवाज उठाएगा। वह एक बार फिर लौटेगा जेएनयू की सड़कों पर छात्रों के बीच डफली बजाते हुए।
वाकई,यह घुंघराले बालों वाला शख़्स बहुत याद आएगा।
गुड बाय कॉमरेड
Elvish Yadav, Harsh Beniwal, Thugesh & Suyyash Rai & Other attends (Entertainment Cricket League) ECL Press Conference in New Delhi
