Monday, June 8, 2026
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Garden Estate Gurugram Under Scanner Over Illegal RWA, Financial Mismanagement & Illegal Structures

Garden Estate Gurugram Under Scanner: Illegal RWA, Unauthorized Structures, And Questions Over Influence

Illegal RWA Running the Society?

Serious questions are now being raised over the functioning of Garden Estate RWA in DLF Phase-3, Gurugram, after official documents accessed through RTI reportedly stated that the current governing body was not legally constituted under the Haryana Registration and Regulation of Societies Act, 2012.

According to documents issued by the Office of the District Registrar, Firms & Societies, Gurugram, the association allegedly failed to comply with mandatory statutory procedures related to elections, annual returns, and required approvals.

The report submitted before the State Registrar reportedly stated that:

* Election-related documents were incomplete.
* Mandatory forms were not attached.
* Election approvals were never properly obtained.
* Annual financial returns were allegedly not filed as required.
* The governing body could not be treated as legally constituted under the HRRS Act, 2012.

The matter became more serious when the District Registrar appointed an Administrator-cum-Returning Officer in January 2026 to take over the management and conduct fresh elections.

Stay Obtained, But Questions Continue

Sources claim that the current RWA management later obtained a stay order from the State Registrar in Chandigarh against the appointment of the Administrator.

However, during the proceedings, the State Registrar reportedly sought a detailed report from the District Registrar, Gurugram — and that report again allegedly maintained that the current RWA body was not legally valid.

This has now triggered bigger public questions:

If the governing body itself is under dispute, then who is currently controlling the society’s finances and administrative decisions?

Crores In Compensation Under Control Of Disputed Body?

One of the biggest concerns being raised is that the society has reportedly received compensation worth crores related to land matters, while control of those funds allegedly remains with the disputed governing body.

Questions are now being raised regarding:

* Who is auditing these funds?
* Is there independent oversight?
* How are financial decisions being taken if the body itself is allegedly illegal?

There are also allegations of financial mismanagement and lack of transparency in internal functioning.

Illegal Structures And Occupation Certificate Questions

Another major issue revolves around alleged illegal constructions inside the society.

Questions are now being asked over:

* Why illegal extra floors and structures were allegedly allowed inside the premises.
* Whether influential individuals connected with the management received protection.
* Why action has allegedly not been taken despite repeated concerns.

Critics also point toward the Occupation Certificate (OC) issue, questioning how additional structures were permitted if the society itself allegedly does not possess complete OC-related compliance.

“Why Different Rules For Powerful People?”

The controversy has also sparked a wider debate in Gurugram over selective enforcement.

Questions are also being raised over:

* Small roadside vendors and temporary shops being regularly removed by authorities in the name of illegal encroachment.
* While influential societies or connected individuals accused of violations allegedly continue without strict action.

This has led to growing public concern and allegations of double standards in enforcement.

Complaint System Under Question

Another major concern being highlighted is that complaints against the management allegedly never move forward effectively.

The questions that arise include:

* An independent investigation,
* A financial audit,
* Verification of construction approvals,
* And complete transparency regarding the legal status of the current governing body.

Bigger Questions For Authorities

The Garden Estate matter is now becoming larger than a society-level dispute. It raises broader questions for Gurugram authorities:

* Are influential RWAs operating above the law?
* Why are statutory violations allegedly ignored for years?
* Who is accountable if an allegedly illegal body controls crores in public-interest funds?
* And why has strict enforcement not been applied equally?

सिलीगुड़ी स्क्रैप कारोबार में बड़ा विवाद! Jai Mata Engineering Pvt Ltd पर ₹6.5 लाख भुगतान रोकने का गंभीर आरोप

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Siliguri News | व्यापार जगत में हड़कंप, MSME तक पहुंचा मामला

सिलीगुड़ी से एक बेहद सनसनीखेज और गंभीर व्यापारिक मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय व्यापार जगत में हड़कंप मचा दिया है। स्क्रैप कारोबार से जुड़ी एक कंपनी पर आरोप है कि उसने लाखों रुपये का भुगतान रोक रखा है, लगातार झूठे बहाने बनाकर समय टाला जा रहा है और दूसरी कंपनी को मानसिक रूप से परेशान व दबाव में रखा जा रहा है। यह मामला अब सिर्फ एक लेन-देन का विवाद नहीं रह गया है, बल्कि पूरे सिलीगुड़ी के व्यापारिक माहौल में चिंता और चर्चा का बड़ा कारण बनता जा रहा है।

Srishti Merchant Pvt Ltd ने लगाए गंभीर आरोप

जानकारी के मुताबिक, Srishti Merchant Pvt Ltd नाम की कंपनी लंबे समय से Jai Mata Engineering Pvt Ltd के साथ स्क्रैप के व्यापार में जुड़ी हुई थी। बताया जा रहा है कि Srishti Merchant Pvt Ltd ने सिलीगुड़ी से जयपुर तक स्क्रैप गुड्स की सप्लाई की थी, जो Jai Mata Engineering Pvt Ltd को भेजा गया था।

पीड़ित कंपनी का आरोप है कि Jai Mata Engineering Pvt Ltd ने लगातार स्क्रैप खरीदा, लेकिन अब तक भुगतान रोक कर रखा है।

जानकारी के अनुसार, Jai Mata Engineering Pvt Ltd की फैक्ट्री जयपुर में स्थित है, जबकि उनका मुख्य कार्यालय गाजियाबाद इंडस्ट्रियल एरिया में बताया जा रहा है। कंपनी के मालिकों के नाम अक्षय बंसल और मनोज बंसल बताए जा रहे हैं।

₹6 लाख से ₹6.5 लाख तक का भुगतान बताया जा रहा बकाया

Srishti Merchant Pvt Ltd के अनुसार, इस समय Jai Mata Engineering Pvt Ltd पर करीब ₹6 लाख से ₹6.5 लाख (सवा छह लाख) तक की रकम बकाया है, जो लंबे समय से अटकी हुई है।

कंपनी का कहना है कि उन्होंने कई बार संपर्क किया, लेकिन हर बार सिर्फ झूठे आश्वासन और वादे ही मिले। कभी कहा गया कि भुगतान 30 दिन में कर दिया जाएगा, तो कभी 60 दिन में पैसा क्लियर करने की बात कही गई।

लेकिन बार-बार समय बीतने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया।

‘माल खराब था’ कहकर भुगतान रोकने का आरोप

इतना ही नहीं, भुगतान ना देने के लिए Jai Mata Engineering Pvt Ltd अब यह बहाना भी बना रही है कि “आपका माल खराब था”, जबकि Srishti Merchant Pvt Ltd का कहना है कि माल पूरी तरह सही था और पहले भी उसी माल के साथ कारोबार होता रहा है।

पीड़ित कंपनी का आरोप है कि यह सिर्फ एक बहाना है ताकि भुगतान रोका जा सके और समय निकाला जा सके।

Mediator दिनेश काबरा की गारंटी के बावजूद नहीं हुआ भुगतान

इस पूरे मामले में एक और बड़ा नाम सामने आया है। पीड़ित पक्ष के मुताबिक, Mediator दिनेश काबरा ने स्वयं यह गारंटी ली थी कि बकाया राशि 60 दिनों के भीतर क्लियर करवा दी जाएगी।

Srishti Merchant Pvt Ltd का कहना है कि उन्होंने दिनेश काबरा की गारंटी पर भरोसा करके समय दिया, लेकिन उसके बाद भी कई बार इंटीमेशन देने के बावजूद आज तक भुगतान नहीं हुआ।

MSME विभाग में दर्ज कराया गया मामला

कंपनी का कहना है कि जब उन्हें लगातार टालने और परेशान करने का सिलसिला जारी रहा, तब मजबूर होकर उन्होंने इस मामले को MSME (Micro, Small and Medium Enterprises) विभाग में भी आधिकारिक रूप से दर्ज कराया।

Srishti Merchant Pvt Ltd का दावा है कि MSME में एप्लीकेशन देने के बावजूद अब तक इस मामले में कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है और भुगतान अभी भी अटका हुआ है।

ईमेल, कॉल रिकॉर्डिंग और दस्तावेज़ी सबूत मीडिया को सौंपे

Srishti Merchant Pvt Ltd scrap dealer की ओर से दावा किया गया है कि इस पूरे मामले से जुड़े ईमेल्स, कॉल रिकॉर्डिंग्स और अन्य दस्तावेज़ी सबूत उन्होंने मीडिया से साझा किया है।

इन एविडेंस में भुगतान को लेकर किए गए वादे, बातचीत और बार-बार टालने की पूरी जानकारी मौजूद है ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके और भविष्य में कोई और व्यापारी इस तरह की कथित धोखाधड़ी का शिकार न बने।

पीड़ित कंपनी का बयान

पीड़ित पक्ष का कहना है:

“हमने कई बार मौका दिया, कई बार बातचीत की, लेकिन हर बार सिर्फ झूठे वादे किए गए। 60 दिन की गारंटी देने के बाद भी पैसा नहीं आया। हमें परेशान किया जा रहा है, डराया जा रहा है और भुगतान ना देने के लिए गलत बहाने बनाए जा रहे हैं।”

पीड़ित कंपनी ने अन्य व्यापारियों से अपील करते हुए कहा है कि इस तरह के लोगों से सावधान रहने की जरूरत है, ताकि भविष्य में कोई और व्यापारी इस प्रकार की कथित धोखाधड़ी और झूठे वादों का शिकार न बने।

अन्य व्यापारियों का पैसा भी फंसा होने का दावा

इसके साथ ही, Srishti Merchant Pvt Ltd scrap dealer का यह भी आरोप है कि Jai Mata Engineering Pvt Ltd द्वारा सिर्फ उनका ही नहीं, बल्कि कई अन्य व्यापारियों का भी पैसा अटकाया गया है, जिससे व्यापारियों में भारी नाराजगी और ग़ुस्सा का माहौल बना हुआ है।

कंपनी का आरोप है कि ऐसे मामलों में छोटे व्यापारियों का आर्थिक नुकसान होता है और उनका मानसिक उत्पीड़न भी किया जाता है।

फिलहाल मामला चर्चा में, कार्रवाई का इंतजार

फिलहाल यह मामला सिलीगुड़ी के व्यापारिक जगत में तेजी से चर्चा में है। अब देखना होगा कि MSME विभाग और संबंधित अधिकारी इस मामले पर कब तक कार्रवाई करते हैं और पीड़ित कंपनी को कब तक न्याय मिल पाता है।

बल्लभगढ़ में दहेज और घरेलू हिंसा का सनसनीखेज मामला, गर्भवती महिला ने प्रशासन से लगाई मदद की गुहार

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फरीदाबाद के बल्लभगढ़ से एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक गर्भवती महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर धोखाधड़ी, दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और जान से मारने की धमकी जैसे संगीन आरोप लगाए हैं।
पीड़िता दीपिका के अनुसार, उसका पति रंजीत, जो बल्लभगढ़ सेक्टर-4 की चावला कॉलोनी का रहने वाला है, अब तक तीन शादियाँ कर चुका है। आरोप है कि हर शादी में अलग-अलग आधार कार्ड का इस्तेमाल किया गया।
रंजीत की पहली पत्नी अंजलि, दूसरी पत्नी दुर्गा कंवर और तीसरी पत्नी दीपिका बताई जा रही हैं।
दीपिका का कहना है कि शादी के कुछ ही समय बाद से ही उस पर दहेज लाने का दबाव बनाया जाने लगा और उसे मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
पीड़िता के अनुसार, शादी के समय उसके पास मौजूद सभी सोने के जेवर उसकी सास संतोष कंवर ने यह कहकर अपने पास रख लिए कि
“मेरे पास रहेंगे तो सुरक्षित रहेंगे।”
लेकिन बाद में जब दीपिका ने अपने जेवर वापस माँगे, तो सास ने साफ़ इनकार करते हुए कहा—
“मेरे पास कोई ज्वेलरी नहीं है। जो करना है कर लो। हमें पुलिस और कोर्ट से कोई डर नहीं है।”
जब दीपिका के ताऊजी ने इस विषय में ससुराल पक्ष से बातचीत की, तो पहले कहा गया कि “हम देख लेंगे”, लेकिन बाद में यह कह दिया गया कि दीपिका के पास कोई गहने थे ही नहीं।
दीपिका ने आरोप लगाया है कि उसकी सास संतोष कंवर, ननद सीमा और देवर दिलीप लगातार दहेज को लेकर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते रहे।
पीड़िता का कहना है कि देवर दिलीप ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी, जिससे उसकी सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा बना हुआ है।
दीपिका ने यह भी आरोप लगाया है कि देवर दिलीप पहले भी महिलाओं को बदनाम करने जैसी हरकतें कर चुका है।
पीड़िता के अनुसार—
•दिलीप की पत्नी डिंपल,
•और रंजीत की पहली पत्नी अंजलि (जो उस समय दिलीप की भाभी थीं),
दोनों की निजी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कर उन्हें जानबूझकर बदनाम किया गया।
फेसबुक और आसपास के इलाकों में उनकी छवि खराब करने की कोशिश की गई।
मामले की सबसे गंभीर बात यह है कि दीपिका इस समय गर्भवती है और उसके गर्भ में जुड़वां बच्चे हैं। डॉक्टरों के अनुसार उसकी स्थिति हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी की है।
पीड़िता का आरोप है कि ससुराल पक्ष इन बच्चों को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है। इसी कारण उसके साथ मारपीट की गई, उसे घर से निकाल दिया गया, फोन कॉल उठाना बंद कर दिया गया और उसका नंबर तक ब्लॉक कर दिया गया।
दीपिका का कहना है कि उसका पति रंजीत फिलहाल उससे किसी भी तरह का संपर्क नहीं कर रहा है और इलाज के खर्च उठाने से भी इनकार कर रहा है, जबकि उसकी हालत नाज़ुक बनी हुई है।
पीड़िता का परिवार लगातार शांति से मामला सुलझाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन ससुराल पक्ष की ओर से कोई सहयोग नहीं किया जा रहा।
दीपिका ने साफ़ कहा है कि यदि उसे या उसके गर्भ में पल रहे जुड़वां बच्चों को किसी भी प्रकार की शारीरिक या मानसिक हानि होती है, तो इसके लिए पति रंजीत, सास-ससुर और पूरा ससुराल पक्ष ज़िम्मेदार होगा।
पीड़िता ने पुलिस और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की है। उसका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो उसकी और उसके अजन्मे बच्चों की जान को गंभीर खतरा हो सकता है।
अब बड़ा सवाल यह है—
क्या पीड़िता को न्याय मिलेगा?
और क्या कानून ऐसे मामलों में सख्ती से कार्रवाई करेगा?
फिलहाल इस पूरे मामले पर पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

Delhi के Anand Vihar Railway Station से Bihar के Siwan जा रही 20 साल की Meena Kumari रहस्यमयी तरीके से लापता!

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दिल्ली से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जो बेहद दुखद और चिंतित करने वाला है। 10 अक्टूबर को 20 साल की मीना कुमारी नाम की एक महिला रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हो गई है।

जानकारी के मुताबिक, मीना कुमारी दोपहर करीब एक बजे गुरुग्राम के सहारा मॉल से निकलीं और आनंद विहार रेलवे स्टेशन पहुंचीं, जहाँ से उन्हें बिहार के सिवान जाने वाली ट्रेन पकड़नी थी। उनकी ट्रेन शाम 6 बजे की थी, लेकिन उसके बाद से उनका कोई सुराग नहीं मिला।

जब लापता हुई थीं महिला, उस दौरान उन्होंने हरा सूट-सलवार, काला दुपट्टा पहना हुआ था। उनके पास एक लाल बैग और एक सफेद रंग का प्लास्टिक का झोला भी था।
महिला का रंग गोरा है, शरीर पतला है और वज़न लगभग 35 किलोग्राम, पता – मुरा परसोतिम, सिवान, बिहार बताया जा रहा है, उनके पति का नाम मनोज साहा है।

जानकारी के मुताबिक़ मीना कुमारी की लंबाई करीब साढ़े तीन फीट बताई जा रही है। उनके पति मनोज साहा का कहना है कि मीना की मानसिक स्थिति कुछ ठीक नहीं थी और उन्हें शक है कि किसी ने उनकी पत्नी का गलत फायदा उठाया है।

मनोज साहा ने बताया कि जब उन्होंने शाम सात बजे अपनी पत्नी मीना के फोन पर कॉल किया, तो किसी अजनबी लड़के ने फोन उठाया। जब उन्होंने कहा — “कॉल पर आप कौन हैं, मेरी पत्नी से बात करवाएं,” तो उस अनजान व्यक्ति ने जवाब दिया — “तेरे बाप का नौकर हूं मैं।” इसके बाद से फोन स्विच ऑफ हो गया और अब क़रीब एक महीना बीत चुका है, लेकिन मीना का कोई पता नहीं चल पाया।

परिवार काफ़ी परेशान है। उनका आरोप है कि पुलिस ने इस मामले में कोई मदद नहीं की, न ही स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज दिखाए गए। परिवार की शिकायत है कि पुलिस ने गुमशुदगी का मामला तक दर्ज नहीं किया है। अब परिवार सरकार और प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहा है। मनोज साहा का कहना है कि उनका दो साल का बच्चा अपनी मां के बिना दिन-रात रो रहा है और तड़प रहा है।

मीना कुमारी की गुमशुदगी ने परिवार और इलाके में बेचैनी फैला दी है। स्थानीय लोग भी इस बात को लेकर चिंतित हैं कि आखिर एक महिला दिनदहाड़े कहां गायब हो गई। परिवार पुलिस और सरकारी तंत्र से कार्रवाई की उम्मीद कर रहा है।

परिवार ने आम जनता से अपील की है कि अगर किसी को भी मीना कुमारी के बारे में कोई जानकारी मिले, तो कृपया दिए गए नंबर 70534 64186 पर संपर्क करें — हर छोटी-बड़ी जानकारी मायने रखती है। हर सूचना परिवार के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है।

NCERT के प्रोफेसर की ये सच जानकर आपके पैरों तले ज़मीन खिसक जाएंगी, यकीन कर पाना होगा मुश्किल

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भारतीय समाज में विवाह को एक पवित्र बंधन माना गया है। यह केवल दो व्यक्तियों का नहीं बल्कि दो परिवारों का मिलन होता है। लेकिन समय के साथ-साथ विवाह संस्था पर कई चुनौतियाँ सामने आई हैं, जिनमें सबसे बड़ा कारण विवाहेतर संबंध यानी (Extramarital Affair) है। यह केवल व्यक्तिगत जीवन को ही नहीं, बल्कि परिवार और समाज की संरचना को भी प्रभावित करता है। ऐसा ही एक मामला दिल्ली के औरोबिंदो मार्ग NCERT में कार्यरत 56 वर्षीय सरकारी विभाग के उच्च पदस्थ कर्मचारी हैं जिनका पहचान प्रोफेसर Dr Biswajit Behera है.

दरअसल पुरा मामला ये है कि ये पिछले कई वर्षों से अपनी धर्मपत्नी को धोखा देकर अलग-अलग महिलाओं के साथ अनैतिक संबंध बनाते थे. अब सवाल ये उठता है कि आख़िर कौन थी वो महिलाएँ? क्या वो उनके अंॾर काम करने वाली सहकर्मी थी? या उनके पास PHD गाइडेंस लेने वाली महिलाएं थी या फिर कॉल गर्ल? ख़ुद की वाइफ़ और बेटे के बारे में ना सोंच कर ये शख़्स पूरी जीवन अय्याश करता रहा घरवालों के पूछने पर कि काम के बहाने कहाँ 10-12 दिन रहते तो वो कोई झूठी कहानी बना लेता था, पत्नी के साथ झगड़ा मारपीट गाली गलौज करना ये आम बात बन चुका था। घर का ख़र्च चलाने हेतु पत्नी को पैसा न देना, अन्य लोगों के सामने बेइज़्ज़त करना, पत्नी को प्रताड़ित करना, उसको घर के खर्च के लिए पैसे न देना ये सब उस व्यक्ति का पेशा बन चुका था और इसे क़ानूनी तौर पर फंडामेंटल राइट्स का उल्लंघन भी माना जाता है एक तरफ़ ये व्यक्ति अपनी पत्नी को डरा धमका कर रख रहा है वहीं दूसरी तरफ़ ख़ुद की ज़िंदगी बेख़ौफ़ होकर एैशो-आराम से एंजोय कर रहा है।

अब ऐसे में ये सवाल खड़ा होता है कि आजकल PHD पाने के लिए क्या लड़कियाँ अपने आप को इन सरकारी दलालों के हत्थे चढ़ जाती है या ये अय्याश आदमी पैसों के बल पर अपनी अय्याशी ख़रीद रहा है? या कोई सहकर्मी इस व्यक्ति के पैसों के लालच में आकर अपनी 20 साल की शादी, पत्नी की लॉयल्टी, बेटे का प्यार नहीं दिखा क्योंकि उसके हवस के सामने सब फीका पड़ गया।

One100 News अपने सभी पाठकों से सतर्क रहने और इस प्रकार के व्यक्ति से सावधानी बरतने की अपील करता है.

झांसे में बहला फुसलाकर पहले करवाया इवेंट; पैसे नहीं चुकाने के लिए PR एजेंसी के साथ ऐसे किया ठगी, आप भी हो जाएं सावधान!

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देशभर में स्कैम का चलन तेजी से बढ़ रहा है जहां हजारों लोग इस स्कैम का शिकार हो रहे हैं। लेकिन, यहीं पर कुछ जालसाज लोग इसके ज़रिए अपना धंधा चला रहे हैं। ताजा मामला पंजाब के शहर लुधियाना, फुल्लनवाल इलाके का है जहां एक शातिर ‘राघव कपूर’ नामक व्यक्ति ने एक महिला के साथ मिलकर जाल बिछाया और काम होने के बाद ₹15000 की ठगी करके फ़रार हो गया दरअसल ये मामला दिनांक 4 अगस्त 2025 का है जब एक PR कंपनी के पास ‘राघव कपूर’ का कॉल आया जिसने अपनी गर्लफ़्रेंड के दोस्त का हवाला देकर उसके लिए PR करने के लिए अनुरोध किया।

मामला जानने के बाद कंपनी ने मदद करने की सोची लेकिन बजट न होने के कारण PR कंपनी ने काम उठाने से मना कर दिया जिसके बाद राघव कपूर ने लगातार 3 दिनों तक कॉल कर रिक्वेस्ट की आप काम करवा दीजिए साथ ही साथ उसने लड़की का असहाय, लाचार और घर में फ़ाइनेंशियल क्राइसिस का हवाला देते हुए PR एजेंसी को अपना शिकार बनाया जिसके बाद इंसानियत के नाते PR कंपनी ने लड़की के लिए प्रेस कॉन्फ़्रेन्स करने का मन बना लिया एक फिक्स्ड अमाउंट रखकर नो प्रॉफिट और नो लॉस में।

डील कन्फर्म होने के बाद मिस्टर कपूर ने कहा कि अभी पैसे की दिक़्क़त है आप 10 हज़ार ले लो बाक़ी के पैसे प्रेस कॉन्फ़्रेन्स शुरू होने से पहले आपको मिल जाएगा लेकिन जब की ऐसा कुछ नहीं हुआ ये सब एक साज़िश थी पैसे एंठने की । वहीं पर मीडिया के आने से पहले महिला ने गाड़ी में हाई वोल्टेज ड्रामा शुरू कर दिया और बचे हुए पैसे ना देने के तमाम हथकंडे अपनाए। महिला कहने लगी मेरे पास अब पैसे नहीं बचे हैं मैंने आज ही वकील को पैसे दिए हैं जबकि PR कंपनी द्वारा वेन्यु ऑलरेडी बुक कर दिया गया था प्रेस को इनवाइट पहले ही जा चुका था काफ़ी ड्रामा करने के बाद प्रेस कॉन्फ़्रेन्स किसी तरह कराया गया जिसका टेलिकास्ट बड़े-बड़े अन्य मीडिया चैनलों में मिल जाएगा।

इन सब मामलों के बाद बचे हुए ड्यू अमाउंट को क्लियर करने के लिए जब PR एजेंसी ने राघव कपूर से संपर्क करने की कोशिश की तो उसने जान से मारने की धमकी दी साथ ही में दिन रात कॉल एवं मैसेज करके प्रताड़ित किया, कहने लगा ‘राना गुरजीत सिंह मेरे पिता हैं जाकर गुगल कर लो पता चल जाएगा’ और जब हमारी टीम ने पड़ताल की तो पता लगा जिनका नाम ये शख़्स मार्केट में मिस यूज़ कर रहा है जिनको ये अपना पिता बता रहा था वो उसके पिता नहीं बल्कि कांग्रेस के विधायक राना गुरजीत सिंह हैं। जिनका इस मामले से दूर-दूर तक कोई लेना देना नहीं है।

One100 News अपने दर्शकों से सतर्क रहने और इस प्रकार के अनजान लोगों से संपर्क करने में सावधानी बरतने की अपील करता है.

दिल्ली के नांगलोई में पुलिस का महिला के साथ बरबर्ता

पुलिस का काम लोगों की सुरक्षा होता है, वर्दी देखकर कभी भी निर्दोष को डर नहीं लगना चाहिए लेकिन इंटरनेट पर एक वायरल वीडियो में कुछ पुलिसकर्मि ऐसा काम करता नजर आ रहा है जिसके बाद लोगों में उसे लेकर काफी ज्यादा गुस्सा भरा हुआ है। दरअसल ये मामला दिल्ली के नांगलोई का है जहां पर एक महिला अपने बुजुर्ग पति के साथ इ- रिक्शा पर सवार होकर अस्पताल जा रही थी तभी रास्ते में पुलिस कर्मियों ने रिक्शा चालक को आगे जाने से रोका उसी दौरान बुजुर्ग महिला ने पुलिस से अनुरोध की, ‘मैं पैदल नहीं चल पाऊँगी; रिक्शा को आगे जाने दें हॉस्पिटल तक’ तभी पुलिसकर्मि ने महिला को बर्बरता से मारा और गंभीर रूप से घायल किया जिससे महिला की शरीर में गंभीर चोट आई इतना ही नहीं जब आसपास के मौजूद लोगों ने महिला को बचाने की कोशिश की तब उनके साथ भी पुलिसकर्मियों ने हाथापाई की.

वहीं आपकी जानकारी के लिए बता दें की निर्दोष महिला को प्रशासन ने थाने में बैठा कर रखा है और किसी भी परिजनों से मिलने नहीं दिया जा रहा है. आरोपि की मानें तो इस पुरे मामले का ज़िम्मेदार आई.ओ अंकुर को बताया जा रहा है.

इतना ही नहीं घटना के बाद जब पिड़िता थाना पहुँची तो कोई एफ आई आर दर्ज करने को तैयार नहीं हुआ और जब आरोपि ने मेडिकल करने की माँग की तो उसे भी नज़रअंदाज़ किया गया और महिला को थाने में बंधक बनाकर रखा गया है तथा फोन इस्तेमाल करने और किसी भी परिजन से मिलने के लिए प्रतिबंध लगाया गया है

वहीं इस पुरी घटना के बाद दिल्ली पुलिस पर एक बार फिर से बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं. आख़िर कब तक इस देश में बेगुनाहों को पुलिस बेख़ौफ़ प्रताड़ित करती रहेगी।

डेटिंग ऐप के जरिए ठगी करने वाले पति-पत्नी का भंडाफोड़

देशभर में डेटिंग ऐप्स के जरिये दोस्ती करने का चलन तेजी से बढ़ रहा है जहां हजारों युवक-युवती आपस में फ्रेंडशिप कर रहे हैं। लेकिन, यहीं पर कुछ जालसाज लोग इसके ज़रिए अपना धंधा चला रहे हैं। ताजा मामला दिल्ली के शाहिन बाग इलाके का है जहां एक शातिर महिला और उसके पति द्वारा गवर्नमेंट कॉन्ट्रैक्टर एवं बिल्डर से डेटिंग ऐप ‘रोवा’ के जरिए धोखाधड़ी कर 15000 रुपये की ऑनलाइन ठगी करने का मामला सामने आया है. आरोप है कि नूर नामक महिला ने खुद को असहाय, लाचार और घर में फ़ाइनेंशियल क्राइसिस का हवाला देते हुए अपना शिकार बनाया ।

रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली के बदरपुर का निवासी अभिषेक पांडे की मुलाक़ात इस महिला से 6 महीने पहले यानी जनवरी में डेटिंग ऐप पर हुई थी जहां दोनों की बातचीत शुरू हुई और बात प्यार में बदला जहां महिला ने पहले बताया था की वो सिंगल है और जब बातचीत बढ़ गई तभी अचानक से धीरे-धीरे कर उसने पीड़ित से पैसा ठगना शुरू किया बाद में जाकर पता लगा कि लड़की शादी-शुदा और एक बच्चे की माँ है वहीं आपको जानकर ये हैरानी होगी कि इन सब में उसका पति का भी हाथ है जो कि पेशे से घर में इस्तेमाल होने वाले वॉलपेपर का विक्रेता है और अपनी पत्नी के साथ मिलकर लोगों को डेटिंग एप के ज़रिए लूटने का काम करता है ।

पीड़ित ने बताया कि महिला विभिन्न डेटिंग एप के जरिए लोगों से दोस्ती करती है। खुद को सिंगल बताकर उनसे बात करती है और लोगों को अपने जाल में फंसा कर पैसे एंठती है।

One100 News अपने दर्शकों से सतर्क रहने और इस प्रकार के एप्स पर अनजान लोगों से संपर्क करने में सावधानी बरतने की अपील करता है.

Akshay Kumar sues Paresh Rawal for Rs 25 crore over ‘gross unprofessional conduct’ after his midway exit from Hera Pheri 3

After Paresh Rawal left the movie Hera Pheri 3 in the middle of filming, his co-star and the film's producer, Akshay Kumar, is said to be taking legal action against him and asking for Rs 25 crore in compensation Fans have been excited for the third part of the popular Hera Pheri movie series, but the film keeps facing problems. After Paresh Rawal announced on social media that he was leaving the film, reports now say that his co-star Akshay Kumar is suing him for Rs 25 crore because he quit the project. Akshay Kumar is suing Paresh Rawal for being unprofessional and leaving Hera Pheri 3 even though he had signed a legal contract. Akshay is also the producer of the film because he bought the rights from the earlier producer, Firoz Nadiadwala. He is taking legal action through his production company, Cape of Good Films. This is the first time in Akshay’s 35-year career that he has sued another actor. Hera Pheri 3 had already started filming in April this year, with Paresh Rawal shooting scenes with Akshay Kumar and Suniel Shetty. The website says Paresh left the movie after the producer had already spent money on the shoot. Recently, Paresh tweeted about his decision to leave. Some people thought he left because of creative disagreements, but he said that wasn’t the real reason. The exact reason isn’t clear, but the report says Paresh simply “did not feel like being a part of the film.”