
फरीदाबाद के बल्लभगढ़ से एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक गर्भवती महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर धोखाधड़ी, दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और जान से मारने की धमकी जैसे संगीन आरोप लगाए हैं।
पीड़िता दीपिका के अनुसार, उसका पति रंजीत, जो बल्लभगढ़ सेक्टर-4 की चावला कॉलोनी का रहने वाला है, अब तक तीन शादियाँ कर चुका है। आरोप है कि हर शादी में अलग-अलग आधार कार्ड का इस्तेमाल किया गया।
रंजीत की पहली पत्नी अंजलि, दूसरी पत्नी दुर्गा कंवर और तीसरी पत्नी दीपिका बताई जा रही हैं।
दीपिका का कहना है कि शादी के कुछ ही समय बाद से ही उस पर दहेज लाने का दबाव बनाया जाने लगा और उसे मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
पीड़िता के अनुसार, शादी के समय उसके पास मौजूद सभी सोने के जेवर उसकी सास संतोष कंवर ने यह कहकर अपने पास रख लिए कि
“मेरे पास रहेंगे तो सुरक्षित रहेंगे।”
लेकिन बाद में जब दीपिका ने अपने जेवर वापस माँगे, तो सास ने साफ़ इनकार करते हुए कहा—
“मेरे पास कोई ज्वेलरी नहीं है। जो करना है कर लो। हमें पुलिस और कोर्ट से कोई डर नहीं है।”
जब दीपिका के ताऊजी ने इस विषय में ससुराल पक्ष से बातचीत की, तो पहले कहा गया कि “हम देख लेंगे”, लेकिन बाद में यह कह दिया गया कि दीपिका के पास कोई गहने थे ही नहीं।
दीपिका ने आरोप लगाया है कि उसकी सास संतोष कंवर, ननद सीमा और देवर दिलीप लगातार दहेज को लेकर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते रहे।
पीड़िता का कहना है कि देवर दिलीप ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी, जिससे उसकी सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा बना हुआ है।
दीपिका ने यह भी आरोप लगाया है कि देवर दिलीप पहले भी महिलाओं को बदनाम करने जैसी हरकतें कर चुका है।
पीड़िता के अनुसार—
•दिलीप की पत्नी डिंपल,
•और रंजीत की पहली पत्नी अंजलि (जो उस समय दिलीप की भाभी थीं),
दोनों की निजी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कर उन्हें जानबूझकर बदनाम किया गया।
फेसबुक और आसपास के इलाकों में उनकी छवि खराब करने की कोशिश की गई।
मामले की सबसे गंभीर बात यह है कि दीपिका इस समय गर्भवती है और उसके गर्भ में जुड़वां बच्चे हैं। डॉक्टरों के अनुसार उसकी स्थिति हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी की है।
पीड़िता का आरोप है कि ससुराल पक्ष इन बच्चों को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है। इसी कारण उसके साथ मारपीट की गई, उसे घर से निकाल दिया गया, फोन कॉल उठाना बंद कर दिया गया और उसका नंबर तक ब्लॉक कर दिया गया।
दीपिका का कहना है कि उसका पति रंजीत फिलहाल उससे किसी भी तरह का संपर्क नहीं कर रहा है और इलाज के खर्च उठाने से भी इनकार कर रहा है, जबकि उसकी हालत नाज़ुक बनी हुई है।
पीड़िता का परिवार लगातार शांति से मामला सुलझाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन ससुराल पक्ष की ओर से कोई सहयोग नहीं किया जा रहा।
दीपिका ने साफ़ कहा है कि यदि उसे या उसके गर्भ में पल रहे जुड़वां बच्चों को किसी भी प्रकार की शारीरिक या मानसिक हानि होती है, तो इसके लिए पति रंजीत, सास-ससुर और पूरा ससुराल पक्ष ज़िम्मेदार होगा।
पीड़िता ने पुलिस और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की है। उसका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो उसकी और उसके अजन्मे बच्चों की जान को गंभीर खतरा हो सकता है।
अब बड़ा सवाल यह है—
क्या पीड़िता को न्याय मिलेगा?
और क्या कानून ऐसे मामलों में सख्ती से कार्रवाई करेगा?
फिलहाल इस पूरे मामले पर पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।


